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DM मेधा रूपम की सख्ती: SIR में 60 BLO और सुपरवाइजरों पर FIR, जानिए क्यों हुआ ये सब

गौतम बुद्ध नगर, मतदाता सूची

नोएडा, 24 नवंबर 2025: चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम के सख्त निर्देशों पर मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) कार्य में ढिलाई बरतने वाले 60 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 7 सुपरवाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो दिखाता है कि चुनावी ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या हुआ मामला? क्यों जरूरी है मतदाता सूची का संशोधन?


गौतम बुद्ध नगर जिला, जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को कवर करता है, में मतदाता सूची को अपडेट करने का विशेष अभियान चल रहा है। यह SIR (Special Intensive Revision) अभियान 4 नवंबर 2025 से शुरू होकर 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान BLO और सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी है कि वे मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन करने का काम सही तरीके से करें। लेकिन जिला प्रशासन की जांच में पाया गया कि दादरी, नोएडा और जेवर विधानसभा क्षेत्रों में कई BLO और सुपरवाइजरों ने अपने काम में लापरवाही बरती।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत इन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। यह धारा चुनावी ड्यूटी में लापरवाही या गैर-अनुपालन पर सजा का प्रावधान करती है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम न केवल दोषियों को सबक सिखाएगा, बल्कि अन्य अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगा।
मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार है। इसमें अगर कोई गलती हो, तो लाखों लोग अपने वोट के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। SIR अभियान का मकसद है कि नई उम्र के मतदाताओं को जोड़ा जाए, मृतकों या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाएं, और डुप्लिकेट एंट्रीज को साफ किया जाए। गौतम बुद्ध नगर जैसे घनी आबादी वाले जिले में यह काम और भी महत्वपूर्ण है, जहां हर साल हजारों लोग आते-जाते रहते हैं।
प्रशासन ने बताया कि इस अभियान के दौरान विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां लोग फॉर्म भरकर अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। लेकिन BLO की लापरवाही से यह प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी, जिससे मतदाताओं को परेशानी हो सकती थी। अब FIR दर्ज होने से उम्मीद है कि अभियान सुचारू रूप से चलेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग लेंगे।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? आगे क्या होगा?

चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई समय की मांग है। "चुनाव आयोग हमेशा से पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर जोर देता है। गौतम बुद्ध नगर जैसे जिले में जहां विकास तेज है, वहां मतदाता सूची को अपडेट रखना जरूरी है," कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राजेश शर्मा। उन्होंने जोड़ा कि ऐसी कार्रवाई से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि मतदाताओं का विश्वास भी मजबूत होगा।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू करेगी। दोषी पाए जाने पर इन अधिकारियों को सजा हो सकती है, जो जुर्माना या निलंबन तक जा सकती है। जिला प्रशासन ने अन्य BLO और सुपरवाइजरों को चेतावनी दी है कि वे अपने काम में कोई कोताही न बरतें। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे SIR अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी जानकारी चेक करें।यह घटना हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। अगर आप गौतम बुद्ध नगर के निवासी हैं, तो आज ही अपनी मतदाता सूची चेक करें और सुनिश्चित करें कि आपका वोट मायने रखे!
स्रोत: जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर।


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