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नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2025, रात 9:46 बजे (IST): कर्नाटक से एक बार फिर सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है! राज्य के आईटी और ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खड़गे ने एक सनसनीखेज बयान देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उनका कहना है कि अगर कर्नाटक में शांति भंग होती है, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बैन लगा दिया जाएगा। ये बयान तब आया है, जब चित्तापुर में RSS और भीम आर्मी के मार्च की इजाजत रद्द कर दी गई, क्योंकि पुलिस को कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा दिखा। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि ये विवाद आखिर कहां तक जाएगा!
क्या है पूरा मामला? RSS का 100 साल: सियासत गरमाई
चित्तापुर, जो कि प्रियांक खड़गे का गृह क्षेत्र है, इन दिनों सियासी हलचल का केंद्र बन गया है। यहां RSS और भीम आर्मी दोनों ने एक साथ रूट मार्च निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया। वजह? पुलिस की खुफिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि इन दोनों संगठनों के बीच टकराव की आशंका है, जो शांति के लिए खतरा बन सकता है। इसी बीच एक और घटना ने आग में घी डालने का काम किया—एक RSS कार्यकर्ता पर प्रियांक खड़गे के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है, जिसके बाद केस भी दर्ज हो चुका है।
इन सबके बीच प्रियांक खड़गे ने RSS पर नकेल कसने की बात कह दी। उनका ये बयान जुलाई 2025 में दिए गए उनके उस पुराने वादे को याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो RSS पर देशव्यापी बैन लगाया जाएगा। अब ये बयान एक बार फिर से बीजेपी और कांग्रेस के बीच जंग को और भड़का सकता है।
इस साल RSS अपने 100 साल पूरे कर रहा है, और इस मौके पर देशभर में इसके कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में दिल्ली में RSS के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और संगठन की तारीफ की। लेकिन कर्नाटक में हो रही ये घटनाएं बीजेपी को खासा नाराज कर रही हैं। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सरकार RSS के खिलाफ साजिश रच रही है और हिंदू संगठनों को टारगेट कर रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस का दावा है कि वो सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहती है।
सोशल मीडिया पर हलचल, आपकी राय क्या है?
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने लिखा, "अगली बार कर्नाटक में कांग्रेस हार जाएगी," तो दूसरे ने प्रियांक के फैसले को सही ठहराते हुए कहा, "ये कदम बहुत जरूरी है।" वहीं, X पर पोस्ट करने वाले लुटियंस मीडिया के ट्वीट ने इस मुद्दे को और हवा दे दी, जिसमें प्रियांक की तस्वीर और बयान वायरल हो रहा है।
कर्नाटक में ये सियासी ड्रामा अब और गहराता जा रहा है। बीजेपी ने इसे हिंदू विरोधी कदम करार देते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, जबकि कांग्रेस अपनी बात पर अडिग है। मुख्यमंत्री सिद्धारामय्या ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन साफ है कि ये विवाद जल्द शांत होने वाला नहीं है। क्या RSS पर बैन लगेगा? या ये बस एक सियासी स्टंट साबित होगा? आने वाले दिनों में इसका जवाब मिलेगा।
आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? क्या RSS पर बैन लगाना सही होगा, या ये लोकतंत्र पर हमला है? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं। साथ ही, इस लेख को लाइक और शेयर करना न भूलें ताकि और लोग भी इस खबर से जुड़ सकें!
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